जिस प्रकार से किसी सामान को रखने के लिए एक स्थान की आवश्यकता होती है उसी प्रकार मोबाइल, लैपटॉप एवं कंप्यूटर में डेटा को स्टोर करने के लिए हार्ड डिस्क की आवश्यकता होती है | चूँकि आज कंप्यूटर और अन्य डिवाइस का उपयोग अत्यधिक किया जा रहे है जिससे हमें अधिक से अधिक डेटा को स्टोर करने की जरुरत होती है ऐसे में सभी के मन में यह Confusion होता है की कितनी स्टोरेज क्षमता वाली HDD या SSD लेनी चाहिए |
किन्तु इससे भी पहले यह जानना जरुरी है की हार्ड डिस्क ड्राइव और सॉलिड स्टेट ड्राइव क्या है और यह कैसे काम करती है | आज मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊंगा की “HDD vs SSD vs SSHD क्या है और कैसे काम करती है What Is HDD vs SSD vs SSHD And How It Works In Hindi” एवं इन तीनों में क्या अंतर है और कौन सा स्टोरेज डिवाइस लेना चाहिए इन सभी के बारे में आपको इस पोस्ट में विस्तारपूर्वक बताया जायेगा क्योंकि हम जिस चीज का अधिक से अधिक प्रयोग करते हैं उसके बारे में पूर्ण ज्ञान होना तो बहुत जरुरी है तो इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़ें इसमें आपको बहुत सी जानकारियां प्राप्त होंगी |
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एचडीडी क्या है What Is HDD
HDD का फुल फॉर्म हार्ड डिस्क ड्राइव होता है इसे स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है यह कंप्यूटर एवं लैपटॉप में डेटा को स्टोर करने का काम करता है हम अपने कंप्यूटर में जितनी भी डेटा को रखते हैं वह सब हार्ड डिस्क ड्राइव में सुरक्षित स्टोर हो जाती है |
यह एक नॉन-वोलेटाइल-स्टोरेज-डिवाइस होती है यानी की यह डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करती है मतलब कंप्यूटर के ऑफ करने के पश्चात् भी इसमें आपकी डेटा नहीं मिटती और जब तक आप अपने डेटा को खुद डिलीट न कर दें तब तक यह स्टोर ही रहती है हार्ड डिस्क ड्राइव में कंप्यूटर में डेटा को लम्बे समय तक रखने और जरुरत पड़ने पर पुनः प्राप्त किया जा सकता है एवं इसे सेकेंडरी स्टोरेज भी कहा जाता है |
हार्ड डिस्क ड्राइव दो प्रकार की होती है एक इंटरनल हार्ड डिस्क और दूसरी एक्सटर्नल हार्ड डिस्क:-
इंटरनल स्टोरेज हार्ड डिस्क – इंटरनल हार्ड डिस्क सीपीयू के अंदर मौजूद होती है जो एक केबल तार के जरिये मदरबोर्ड से जुड़ी होती है जो हमारी सारी डेटा इंटरनल स्टोरेज हार्ड डिस्क में स्टोर हो जाती है |
एक्सटर्नल स्टोरेज हार्ड डिस्क – एक्सटर्नल स्टोरेज हार्ड डिस्क ड्राइव अत्यधिक डेटा स्टोरेज के लिए अलग से खरीदा जाता है जिसे कंप्यूटर या लैपटॉप में यूएसबी पोर्ट के माध्यम से जोड़ा जाता है |
यह कैसे काम करती है How Does It Work
हार्ड डिस्क ड्राइव में बहुत सारे मूविंग पार्ट्स मौजूद होते हैं यह डिस्क मेटल का बना हुआ होता है जिस पर चुम्बक की पतली परत चढ़ी हुई होती है जिसे इलेक्ट्रोमेग्नेटिकल डेटा स्टोरेज भी कहा जाता है इसमें डेटा को स्टोर करने के लिए बहुत सारे प्लेटर्स डिस्क लगे होते हैं जो स्पाइंडल के माध्यम से घूमते हैं और स्पिन करके डेटा को रीड/राइट किया जाता है |
HDD डिस्क में मैकेनिकल स्पाईनिंग में एक्टुएटर (गति देने वाला) लगा होता है जो डेटा को रीड/राइट करने में सहायक होती है यह प्लैटर्स जितनी तेजी से घूमेंगे डेटा भी उतनी ही तेजी से स्टोर होगी |
आमतौर पर प्लैटर्स को RPM (रिवोल्युशन पर मिनट) के द्वारा मापा जाता है यानी की एक मिनट में प्लैटर्स कितनी बार घूमेगी अधिकतर हार्ड ड्राइव डिस्क 5400 RPM (रिवोल्युशन पर मिनट) से 7200 RPM (रिवोल्युशन पर मिनट) तक होती है इन सभी मैकेनिकल पार्ट्स के द्वारा हार्ड डिस्क ड्राइव में डेटा स्टोर किया जाता है तो इस प्रकार से यह स्टोरेज डिवाइस काम करता है |
एचडीडी के फायदे Advantages Of HDD
हार्ड डिस्क ड्राइव के निम्न फायदे हैं:-
- स्टोरेज क्षमता – हार्ड डिस्क ड्राइव में डेटा को स्टोर करने की क्षमता बहुत अधिक होती है |
- कीमत – इसकी कीमत अन्य स्टोरेज डिवाइस की तुलना में बहुत कम होती है और इसे आप कहीं पर भी खरीद सकते हैं यह आसानी से मार्केट में मिल जाती है इसे खरीदने के लिए आपको कोई अलग जगह जाने की जरुरत नहीं होती है |
एचडीडी के नुकसान Disadvantages Of HDD
हार्ड डिस्क ड्राइव के फायदे के साथ – साथ कुछ नुकसान भी हैं जो इस प्रकार है:-
- आवाज – हार्ड डिस्क ड्राइव में मूविंग पार्ट्स होने की वजह से इसमें मौजूद प्लैटर्स लगातार घुमते रहते हैं जिसकी वजह से यह बहुत आवाज करती है |
- जल्द ही खराब – इसमें मूविंग पार्ट्स होने की वजह से यह जल्द ही खराब हो जाती है अगर गलती से आपके हाथों से लैपटॉप गिर जाये तो यह खराब हो जाती है और डेटा लॉस/डिलीट होने संभावना भी अधिक रहती है |
- जीवनकाल (Life Span) – इसके जीवनकाल की बात करें तो यह ज्यादा समय तक नहीं चलते लगभग 3 से 5 साल |
- डेटा स्पीड में कमी – चूँकि इसमें स्पाईनिंग के द्वारा डेटा रीड/राइट होती है और बार – बार मूव होने की वजह से यह धीमी गति से डेटा को एक्सेस कर पाती है |
एचडीडी का इतिहास History Of HDD
HDD का इतिहास काफी पुराना है इसे पहली बार IBM कंपनी द्वारा बनाया गया था इस तकनीक की खोज 1953 में ही की गई थी और इसे पहली बार 1956 में बाजार में पेटेंट (आविष्कार को लाइसेंस देने की अनुमति) के साथ लाया गया जिसकी क्षमता केवल 5 MB थी और वजन 250kg था इसके बाद इसमें धीरे – धीरे बदलाव किया गया और आज इसकी क्षमता लगभग 20 TB तक है |
एसएसडी क्या है What Is SSD
SSD का फुल फॉर्म सॉलिड स्टेट ड्राइव होता है यह भी हार्ड डिस्क ड्राइव की भाँति डेटा को स्टोर करने का काम करती है यह हार्ड डिस्क ड्राइव का एडवांस वर्जन है लेकिन इसमें कोई मूविंग पार्ट नहीं होता जिसकी वजह से यह लम्बे समय तक चलती है यह आमतौर पर फ्लैश मेमोरी का उपयोग करते हुए एकीकृत सर्किट के अंदर डेटा को स्थायी रूप से स्टोर करती है।
यह कैसे काम करती है How Does It Work
SSD में कोई मैकेनिकल पार्ट्स नहीं होता है इसमें एक चीप लगी होती है जो बिल्कुल रैम की तरह ही होती जिसमें सेमीकंडक्टर लगा होता है किन्तु यह डेटा को परमानेंटली स्टोर करती है |
इसका कोई मैकेनिकल आर्म नहीं होता है इसलिए डेटा को रीड/राइट करने के लिए एम्बेडेड प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाता है जिसे कंट्रोलर भी कहते हैं |
एक सेमीकंडक्टर चीप मेग्नेटिक मेटेरियल की तुलना में बेहतर संचार करता है यही कारण है की यह हार्ड डिस्क ड्राइव ((HDD) की तुलना में काफी तेज होती है |
एसएसडी के फायदे एवं नुकसान Advantages And Disadvantages Of SSD
एसएसडी के कुछ फायदे और कुछ नुकसान हैं जो इस प्रकार है:-
- इसमें कोई मूविंग पार्ट्स नहीं होता जिसकी वजह से यह लम्बे समय तक चलता है किन्तु इसकी कीमत बहुत अधिक होती है |
- इसमें कोई आवाज नहीं होती क्योंकि इसके अंदर चीप लगी होती है किन्तु इसमें डेटा स्टोरेज की क्षमता कम होती है एचडीडी की तुलना में |
- इसमें डेटा लॉस/डिलीट होने की सम्भावना बहुत ही कम होती है |
एचडीडी और एसएसडी में क्या अंतर है What Is The Difference Between HDD And SSD
हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) और सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) में निम्न अंतर है:-
हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) –
- हार्ड डिस्क ड्राइव में मूविंग पार्ट्स होते हैं जिसके द्वारा डेटा स्टोर किया जाता है |
- हार्ड डिस्क ड्राइव में डेटा स्टोरेज की क्षमता बहुत अधिक होती है लगभग 20 TB (टेराबाइट) |
- इसकी स्पीड कम होती है |
- HDD की कीमत कम होती है यह कम कीमत में अत्यधिक स्टोरेज क्षमता प्रदान करती है जितने भी सस्ते लैपटॉप एवं कंप्यूटर हैं उसमें हार्ड डिस्क ड्राइव का उपयोग किया जाता है |
- यह ज्यादा लम्बे समय तक नहीं चलता इसके गिरने से यह क्रैश हो जाती है और इसमें मौजूद डेटा भी डिलीट हो जाती है |
- इसमें आवाज उत्पन्न होती है |
- इसमें बैटरी की खपत अत्यधिक होती है क्योंकि इसकी स्पीड क्षमता कम होती है |
सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) –
- सॉलिड स्टेट ड्राइव में मूविंग पार्ट्स नहीं होते हैं इसमें एक चीप लगा होता है जिसके द्वारा डेटा स्टोर किया जाता है |
- यह नई तकनीक है जिसकी वजह से इसमें हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में कम डेटा स्टोरेज क्षमता होती है |
- इसकी स्पीड अधिक होती है |
- SDD की कीमत HDD की तुलना में बहुत अत्यधिक होती है |
- यह लम्बे समय तक चलती है और इसके गिरने पर न ही खराब होती है और न ही डेटा डिलीट होने का खतरा रहता है क्योंकि इसमें मूविंग पार्ट्स नहीं होते |
- इसमें किसी भी प्रकार की कोई आवाज उत्पन्न नहीं होती है |
- इसमें बैटरी की खपत बहुत ही कम होती है क्योंकि इसकी स्पीड क्षमता HDD की तुलना में अधिक होती है |
एसएसएचडी क्या है What Is SSHD
SSHD का फुल फॉर्म सॉलिड स्टेट हाइब्रिड ड्राइव होता है जो अकसर नए लैपटॉप या कंप्यूटर में देखने को मिलते हैं इसमें SSD और HDD दोनों का इस्तेमाल किया जाता है इसमें कंपनियां ऑपरेटिंग सिस्टम को SSD में इनस्टॉल कर देती है जिससे लोडिंग प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है और जितने भी फाइल्स हैं वह सब HDD में सेव कर देते हैं |
यह भी पढ़ें – हार्ड डिस्क की भौतिक संरचना
HDD, SSD और SSHD पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. SSD या HDD में से कौन अधिक समय तक चलता है?
Ans – SSD का जीवनकाल लम्बा होता है यह लगभग 10 सालों तक खराब नहीं होती क्योंकि इसमें कोई हिलने वाले पार्ट्स यानी की कोई मूविंग पार्ट्स नहीं होती जबकि HDD का जीवनकाल बहुत ही कम होता है यह लगभग 3 से 5 सालों तक खराब हो जाती है क्योंकि इसमें मूविंग पार्ट्स होते हैं जो लम्बे समय तक नहीं चलती |
Q2. लैपटॉप के लिए एक अच्छा स्टोरेज क्या है?
Ans – अगर आप कोई बहुत अधिक कार्य या डेटा स्टोर नहीं करते हैं तो 32 जीबी की स्टोरेज सही है किन्तु आप अपने सारे काम लैपटॉप में ही करते हैं और बड़े – बड़े डाक्यूमेंट्स, फाइल इत्यादि स्टोर करते हैं तो 64 जीबी की स्टोरेज क्षमता सही इसके अलावा यदि आप हाई रेंज की फोटो, वीडियो इत्यादि अन्य चीजें स्टोर करना चाहते हैं तो 256 जीबी स्टोरेज क्षमता ले सकते हैं |
आपने क्या सीखा What Have You Learned
इस आर्टिकल में आपने सीखा की HDD, SSD और SSHD क्या है यह सब कैसे काम करती है इस पोस्ट के माध्यम से आपलोगों को यह समझ आ गया होगा की कौन – सी स्टोरेज डिवाइस बेहतर है अतः आप अपने कार्य क्षमता के अनुसार दोनों में से कोई भी स्टोरेज डिवाइस ले सकते हैं |
मैं आशा करता हूँ की मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी आपलोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो या इससे जुड़े कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट करके अवश्य बताएं धन्यवाद |