Use Laptop as a Second Monitor जी हां अब अगर आपके पास भी एक पुराना लैपटॉप घर के किसी कोने में धूल खा रहा है? या फिर आप अपने मौजूदा लैपटॉप पर काम करते-करते थक जाते हैं क्योंकि एक ही स्क्रीन पर बहुत सारे विंडो खुल जाते हैं? तो आप अपने पुराने लैपटॉप को ही Second Monitor के तौर पर यूज कर सकते हैं
अक्सर हमें ऑफिस के काम के लिए, वीडियो एडिटिंग के लिए या ऑनलाइन कोडिंग सीखते समय एक एक्स्ट्रा स्क्रीन (Monitor) की ज़रूरत महसूस होती है। लेकिन जब हम बाज़ार में नया मॉनिटर देखने जाते हैं, तो अच्छी क्वालिटी का मॉनिटर कम से कम 7,000 से 10,000 रुपये का आता है।

पर रुकिए! पैसे खर्च करने से पहले इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए। आज मैं आपको एक ऐसा तरीका बताने वाला हूँ जिससे आप अपने पुराने लैपटॉप को ही अपना Second Monitor बना सकते हैं। और सबसे मज़े की बात? इसके लिए आपको ना तो कोई महँगी HDMI केबल खरीदनी है और ना ही किसी USB केबल का झंझट पालना है। यह काम बिल्कुल ₹0 में होगा!
Extra Screen या Dual Monitor Setup क्यों है ज़रूरी?
दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर पर एक्सपर्ट बनना चाहते हैं, तो आपको स्मार्ट तरीके से काम करना सीखना होगा। ड्यूल मॉनिटर के कई फायदे हैं:
- एक्सेल और वर्ड साथ में: आप एक स्क्रीन पर एक्सेल की शीट खोल सकते हैं और दूसरी पर वर्ड में रिपोर्ट टाइप कर सकते हैं।
- ऑनलाइन पढ़ाई: एक स्क्रीन पर यूट्यूब वीडियो या ऑनलाइन क्लास चलाएं और दूसरी स्क्रीन पर नोट्स बनाएँ।
- वीडियो एडिटिंग: एक स्क्रीन पर अपनी टाइमलाइन रखें और दूसरी पर फुल स्क्रीन प्रिव्यू देखें।
- प्रोडक्टिविटी: बार-बार
Alt + Tabदबाकर विंडो बदलने की झंझट खत्म हो जाती है, जिससे आपका समय बचता है।
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How to Use Laptop as a Second Monitor
तरीका 1: विंडोज का जादुई फीचर (Wireless Display)
विंडोज 10 और 11 में एक बहुत ही बेहतरीन फीचर आता है जिसे ‘Projecting to this PC’ कहते हैं। यह फीचर बिना किसी तार के आपके एक लैपटॉप की स्क्रीन को दूसरे लैपटॉप पर ‘कास्ट’ कर देता है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (नए लैपटॉप के लिए):
यह सेटिंग आपको उस लैपटॉप पर करनी है जिसे आप ‘सेकंड स्क्रीन’ बनाना चाहते हैं:
- सेटिंग्स खोलें: अपने पुराने लैपटॉप पर
Windows + Iबटन दबाकर Settings में जाएं। - सिस्टम सेटिंग्स: यहाँ System पर क्लिक करें और फिर नीचे दिख रहे Projecting to this PC के विकल्प पर जाएं।
- फीचर इंस्टॉल करें: अगर यहाँ ‘Optional Features’ का मैसेज दिख रहा है, तो उस पर क्लिक करें, ‘Add a feature’ में जाएं और सर्च करें ‘Wireless Display’। इसे इंस्टॉल कर लें।
- परमिशन सेट करें: इंस्टॉल होने के बाद वापस आएं। यहाँ ‘Available everywhere’ सेट करें और ‘Ask to project’ में ‘First time only’ चुनें।
- ऐप लॉन्च करें: अब नीचे लिखे ‘Launch the Wireless Display app to project to this PC’ पर क्लिक कर दें। आपकी स्क्रीन पर नीले रंग का एक मैसेज आ जाएगा कि ‘आपका लैपटॉप तैयार है’।
अब अपने मेन लैपटॉप (Primary PC) पर आएं:
- कीबोर्ड से Windows + K बटन दबाएं।
- आपको अपने पुराने लैपटॉप का नाम दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- बस! जादू की तरह आपकी मेन स्क्रीन अब पुराने लैपटॉप पर दिखने लगेगी।
तरीका 2: SpaceDesk (पुराने लैपटॉप और टैबलेट के लिए बेस्ट)
अगर आपका लैपटॉप बहुत पुराना है या विंडोज का पहला तरीका काम नहीं कर रहा, तो SpaceDesk सबसे बढ़िया विकल्प है। यह सॉफ्टवेयर इतना ताकतवर है कि आप अपने Android फोन या iPad को भी मॉनिटर बना सकते हैं।
इसे सेटअप करने का तरीका:
- मेन कंप्यूटर पर: spacedesk.net पर जाएं और ‘Driver’ सॉफ्टवेयर डाउनलोड करके इंस्टॉल करें।
- सेकंड डिवाइस पर: पुराने लैपटॉप या टैबलेट पर ‘SpaceDesk Viewer’ ऐप इंस्टॉल करें।
- कनेक्ट करें: ध्यान रहे कि दोनों डिवाइस एक ही वाई-फाई (Wi-Fi) से जुड़े हों। सेकंड डिवाइस पर ऐप खोलते ही आपको अपने मेन कंप्यूटर का नाम दिखेगा, बस उस पर क्लिक करें।
प्रो टिप: स्मूथ अनुभव के लिए क्या करें?
अगर आपको लगता है कि माउस थोड़ा धीमे चल रहा है (Lag), तो कोशिश करें कि दोनों लैपटॉप को एक LAN Cable (Ethernet) से जोड़ दें। इससे डेटा ट्रांसफर की स्पीड बढ़ जाएगी और आपको लगेगा ही नहीं कि आप वायरलेस तरीके से काम कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या इसके लिए इंटरनेट डेटा खर्च होगा? नहीं, यह फीचर आपके लोकल वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। इसके लिए आपके पास सक्रिय इंटरनेट पैक होना ज़रूरी नहीं है, बस राउटर या हॉटस्पॉट चालू होना चाहिए।
2. क्या मैं अपने पुराने विंडोज 7 लैपटॉप को सेकंड मॉनिटर बना सकता हूँ? हाँ, इसके लिए आप ‘SpaceDesk’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। विंडोज का इन-बिल्ट फीचर सिर्फ विंडोज 10 और 11 पर ही अच्छे से काम करता है।
3. क्या हम कीबोर्ड और माउस भी दोनों स्क्रीन पर चला सकते हैं? बिल्कुल! जब आप स्क्रीन एक्सटेंड (Extend) करते हैं, तो आपका माउस एक स्क्रीन से निकलकर दूसरी स्क्रीन में आसानी से चला जाता है।
4. क्या मेरा लैपटॉप खराब तो नहीं होगा? बिल्कुल नहीं! यह एक सॉफ्टवेयर आधारित फीचर है जो आपके हार्डवेयर को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता।
5. क्या मैं अपने स्मार्टफोन को भी सेकंड मॉनिटर बना सकता हूँ? जी हाँ, ‘SpaceDesk’ ऐप को अपने फोन के प्ले-स्टोर से डाउनलोड करके आप अपने मोबाइल स्क्रीन को भी कंप्यूटर का छोटा मॉनिटर बना सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
टेक्नोलॉजी का असली मज़ा उसे सही से इस्तेमाल करने में है। बिना एक भी रुपया खर्च किए आप अपने पुराने लैपटॉप को नया जीवन दे सकते हैं और अपना काम आसान बना सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें।