Hard Drive Partition without Formatting पर इसकी जरूरत क्यों है क्योंकि अक्सर जब हम कोई नया लैपटॉप या कंप्यूटर खरीदकर लाते हैं, तो बड़ी खुशी होती है। लेकिन जैसे ही हम ‘This PC’ (या My Computer) खोलते हैं, तो वहां सिर्फ एक ही ड्राइव नजर आती है— ‘C Drive’। अब ज़रा सोचिए, आपने अपनी मेहनत की कमाई से अपने सपनों का एक बहुत महंगा नया घर खरीदा, लेकिन जैसे ही आप अंदर जाते हैं, तो देखते हैं कि उस घर में तो कोई कमरा ही नहीं है! न बेडरूम, न किचन, न स्टोर रूम… बस चारों तरफ दीवारों के बिना एक बहुत बड़ा सा हॉल है।

अब सोचिए आपको कैसा लगेगा? क्या आप उस घर में रह पाएंगे जहाँ सारा सामान एक ही जगह फैला हो? बिल्कुल यही हाल आपके नए लैपटॉप का होता है जब उसमें सिर्फ एक ही पार्टीशन होता है। अगर विंडोज में कोई खराबी आ जाए, तो आपका सारा ज़रूरी डेटा एक झटके में डिलीट हो सकता है।
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आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपके इसी ‘डिजिटल घर’ में दीवारें खींचकर सुरक्षित कमरे यानि Partitions बनाना सीखेंगे, वो भी बिना किसी थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर के और बिना आपका एक भी फोटो या वीडियो डिलीट किए।
हार्ड डिस्क पार्टीशन क्यों जरूरी होता है ?
तकनीकी भाषा में इसे ‘डिस्क स्लाइसिंग’ या ‘वॉल्यूम श्रिंकिंग’ कहा जाता है, लेकिन सरल भाषा में आपकी जो पूरी हार्ड डिस्क है (चाहे वह 512GB हो या 1TB), वह आपका पूरा ‘घर’ है। जब हम इसमें पार्टीशन करते हैं, तो हम असल में उस बड़े हॉल में दीवारें खड़ी करके अलग-अलग ‘कमरे’ बना रहे होते हैं:
- C-Drive (आपका किचन): इसे अपना किचन मानिए। यहाँ विंडोज (Windows) का खाना पकता है, यानी सारे सॉफ्टवेयर्स और सिस्टम की फाइलें यहीं रहती हैं।
- D-Drive (आपका बेडरूम): यह आपका सुरक्षित कमरा है जहाँ आप अपना कीमती और निजी डेटा (Personal Photos, Videos, Documents) रखते हैं।
- E-Drive (स्टोर रूम): यहाँ आप अपनी पुरानी फाइलें, मूवीज या डेटा का बैकअप रख सकते हैं।
इन कमरों के अंदर आप जो Folder बनाते हैं, वो आपकी ‘अलमारी’ हैं और उन अलमारियों के अंदर रखी फाइलें आपका असली ‘सामान’ हैं।
हमें कंप्यूटर में पार्टीशन करने की आवश्यकता क्यों है?
अगर आपके लैपटॉप में सिर्फ एक ही C-Drive है, तो इसका मतलब है कि आप बेडरूम का सामान, ऑफिस की फाइलें और घर का कचरा सब किचन में ही रख रहे हैं। ऐसा करने के कई नुकसान हैं:
- डेटा की 100% सुरक्षा: भगवान न करे कभी आपके लैपटॉप में वायरस आ जाए या विंडोज करप्ट हो जाए, तो सबसे पहले ‘किचन’ यानी C-Drive ही खराब होती है। विंडोज दोबारा डालने (Format) पर C-Drive का सारा डेटा उड़ जाता है। लेकिन अगर आपने D या E Drive बनाई है, तो फॉर्मेट होने के बाद भी आपका डेटा एकदम सुरक्षित रहेगा।
- बेहतर फाइल मैनेजमेंट: अलग-अलग ड्राइव होने से फाइलों को ढूंढना और उन्हें व्यवस्थित रखना बहुत आसान हो जाता है।
- सिस्टम की सुपरफास्ट स्पीड: जब C-Drive (सिस्टम ड्राइव) पर फालतू फाइलों का बोझ नहीं होता, तो आपका लैपटॉप हैंग नहीं करता और बहुत स्मूथ चलता है।
पार्टीशन बनाने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें
इससे पहले कि हम ‘दीवारें’ बनाना शुरू करें, इन 3 बातों को अच्छे से नोट कर लीजिए:
- लैपटॉप को चार्जिंग पर लगाएं: प्रोसेस के बीच में लैपटॉप बंद नहीं होना चाहिए, इसलिए पावर अडैप्टर कनेक्ट कर लें।
- C-Drive के लिए पर्याप्त जगह छोड़ें: सारा स्पेस नए कमरों को मत दे दीजिएगा। C-Drive में कम से कम 100GB से 150GB जगह विंडोज और आने वाले अपडेट्स के लिए छोड़ना बहुत जरूरी है।
- डेटा का बैकअप: वैसे तो इस तरीके से कोई डेटा डिलीट नहीं होता (मैं खुद यह तरीका सालों से इस्तेमाल कर रहा हूँ), लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा जरूरी फाइलों को एक बार पेनड्राइव में रख लेना अच्छी आदत है।
स्टेप बाय स्टेप गाइड: बिना डेटा खोए हार्ड डिस्क पार्टीशन कैसे बनाएं?
चलिए अब प्रेक्टिकल करते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करें:
स्टेप 1: Disk Management (डिस्क मैनेजमेंट) टूल खोलें
विंडोज में पार्टीशन करने के लिए हमें कुछ भी डाउनलोड नहीं करना है।
- अपने कीबोर्ड पर Windows Logo Key + X बटन एक साथ दबाएं।
- एक मेनू खुलेगा, उसमें से ‘Disk Management’ पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने आपकी हार्ड डिस्क का पूरा नक्शा (Layout) आ जाएगा।
(यहाँ डिस्क मैनेजमेंट स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लगाएं)
स्टेप 2: C-Drive से खाली जगह निकालें (Shrink Volume)
नक्शे में आपको C-Drive का एक बड़ा बॉक्स दिखेगा जिस पर नीले रंग की पट्टी होगी।
- उस C-Drive वाले बॉक्स पर अपने माउस से Right Click करें।
- अब ‘Shrink Volume…’ वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- विंडोज कुछ सेकंड का समय लेगा यह चेक करने के लिए कि कितनी खाली जगह को काटकर नया कमरा बनाया जा सकता है।
स्टेप 3: MB में साइज डालें
अब आपके सामने एक बॉक्स खुलेगा जहाँ आपसे पूछा जाएगा कि आप नई ड्राइव को कितनी जगह देना चाहते हैं। यहाँ साइज MB (Megabytes) में डालना होता है।
- यह फॉर्मूला याद रखें: 1 GB = 1024 MB
- मान लीजिए आपको 100 GB का नया पार्टीशन बनाना है, तो आपको अपने कैलकुलेटर में 100 X 1024 करना होगा, जो 102,400 MB होगा।
- यह वैल्यू “Enter the amount of space to shrink in MB” वाले बॉक्स में डालें और नीचे ‘Shrink’ बटन पर क्लिक कर दें।
स्टेप 4: Unallocated Space (खाली प्लॉट)
श्रिंक करते ही आप देखेंगे कि नीचे एक काले रंग की पट्टी बन गई है जिस पर ‘Unallocated’ लिखा है। इसका मतलब है कि जगह C-Drive से अलग तो हो गई है, लेकिन अभी तक इसे ‘ड्राइव’ या ‘कमरे’ का नाम नहीं मिला है।
स्टेप 5: नई ड्राइव (नया कमरा) तैयार करें
- उस काले रंग वाली ‘Unallocated’ पट्टी पर Right Click करें।
- सबसे ऊपर ‘New Simple Volume’ पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने एक सेटअप विजार्ड खुलेगा। बस एक जादूगर की तरह Next बटन दबाते जाएं।
- बीच में यह आपसे एक ड्राइव लेटर (जैसे D, E, F) चुनने को कहेगा, वो चुन लें।
- अगले स्टेप में ‘Volume Label’ में आप अपनी ड्राइव का नाम (जैसे: Personal Data) लिख सकते हैं।
- अंत में Finish पर क्लिक कर दें।
बधाई हो! आपका नया पार्टीशन (नया कमरा) तैयार है। अब आप ‘This PC’ में जाकर अपनी नई चमचमाती ड्राइव देख सकते हैं।
C-Drive खाली है, फिर भी Shrink नहीं हो रही?
कई बार मेरे पास कमेंट्स आते हैं कि “अभिमन्यु सर, मेरी C-Drive में 200GB खाली है, फिर भी विंडोज सिर्फ 10GB या 20GB ही Shrink करने दे रहा है, ऐसा क्यों?”
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हार्ड डिस्क के कोने-कोने में कुछ ऐसी सिस्टम फाइलें (Page Files) बिखरी होती हैं जिन्हें विंडोज अपनी जगह से हटा नहीं पाता।
- इसका समाधान: विंडोज के सर्च बार में जाएं और ‘Defragment and Optimize Drives’ टाइप करके उसे ओपन करें। अपनी C-Drive को सेलेक्ट करके Optimize पर क्लिक कर दें। यह टूल बिखरे हुए डेटा को सलीके से एक जगह कर देगा, जिससे आपको नया पार्टीशन बनाने के लिए पूरी खाली जगह मिल जाएगी!
1. क्या इस तरीके से मेरी पुरानी फोटो या फाइलें डिलीट हो जाएंगी?
जी नहीं, 100% नहीं! हम विंडोज के अपने सुरक्षित टूल (Disk Management) का उपयोग कर रहे हैं। यह सिर्फ खाली जगह को काटकर नई ड्राइव बनाता है। आपका मौजूदा डेटा अपनी जगह पर पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
2. मेरा लैपटॉप एकदम नया है, मुझे कितनी ड्राइव बनानी चाहिए?
आमतौर पर 2 या 3 ड्राइव सबसे अच्छी रहती हैं। एक सिस्टम (C-Drive) के लिए, दूसरी आपके पर्सनल/ऑफिस काम (D-Drive) के लिए और तीसरी एंटरटेनमेंट (E-Drive) के लिए।
3. क्या SSD और HDD दोनों में पार्टीशन करने का तरीका एक ही है?
जी हाँ, विंडोज 10 और विंडोज 11 में दोनों के लिए प्रोसेस बिल्कुल एक समान है। बस इतना ध्यान रखें कि नई SSD को ‘Defragment’ करने की आवश्यकता नहीं होती है।
4. अगर मुझे बाद में D-Drive को हटाकर वापस C-Drive को बड़ा करना हो तो?
यह बहुत आसान है! आप अपने D-Drive का डेटा कहीं और कॉपी कर लें, फिर डिस्क मैनेजमेंट में जाकर D-Drive को ‘Delete Volume’ कर दें। उसके बाद C-Drive पर राइट क्लिक करके ‘Extend Volume’ कर लें। आपकी दीवार गिर जाएगी और वापस बड़ा हॉल बन जाएगा।
5. क्या हार्ड डिस्क पार्टीशन करने से मेरा कंप्यूटर स्लो हो जाएगा?
बिल्कुल नहीं! असल में, जब आपका सारा भारी डेटा C-Drive से हटकर D या E ड्राइव में चला जाता है, तो विंडोज बहुत हल्के और फास्ट तरीके से काम करने लगता है।
दोस्तों, उम्मीद है कि आज के इस आर्टिकल से आप आसानी से समझ गए होंगे कि अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में बिना डेटा डिलीट किए हार्ड डिस्क पार्टीशन कैसे करें। अब अपने डेटा को सुरक्षित रखें और कंप्यूटर को स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करें।
अगर आपको यह जानकारी मददगार लगी हो, तो इस पोस्ट को अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जिन्होंने अभी-अभी नया लैपटॉप लिया है। आपके मन में कोई सवाल हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें।