
टेक्नोलॉजी की दुनिया में भारतीयों का पूरे विश्व में खासा दबदबा है। भारत ने जब शून्य की शुरुआत की तब अन्य देशों में गिनती की माप शुरु हुई। आज सिलिकोन वैली में यह कहावत है कि आप किसी कंपनी में भारतीय को शामिल नहीं करते हैं तो आप रेस से बाहर हैं।
इसलिए टेक्नोलॉजी की दुनिया में भारतीय कामकाज के साथ बडे़ पदों पर भी बैठे हैं। टेक के क्षेत्र में भारत ने विश्व में अपनी अच्छी पहचान बनाई है। आज हम आपको ऐसे व्यक्ति की तरक्की की कहानी बताने जा रहे है, जो साल 2004 में गूगल की सर्च टीम में शामिल हुआ।
और आज उस व्यक्ति पर छप्पड़ फाड़कर धनवर्षा हो रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं गूगल कंपनी के सीईओ Sundar Pichai के बारे में अभी फिलहाल में गूगल ने उनकी Salary में छप्पड़ फाड़ ईजाफा किया है। इसी के साथ Sundar Pichai वर्तमान में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEO की सूची में शामिल हो गए हैं।
अगले तीन वर्षों का संभावित वेतन बढ़ाकर 69.2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 6361 करोड़ रुपये कर दिया है। आने वाले समय में उनकी सैलरी नई तकनीक के साथ और बढ़ने की उम्मीद है।
आज के आर्टिकल में आपको Google के सीईओ Sundar Pichai की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं कैसे वह अपनी मेहनत के साथ टेक की दुनिया में धमाल मचा रहे हैं और भारत का मान बढ़ा रहे हैं।
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22 साल पहले शुरु हुई सुंदर की Google सर्च की कहानी

Sundar Pichai का जन्म तमिलनाडु के मदुरै गांव के तमिल परिवार लक्ष्मी और रघुनाथ पिचाई के यहां हुआ था। उनके मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर थी तो पिता रघुनाथ पिचाई ब्रिटीश समूह के जीईसी में एक इलेक्ट्रिल के इंजीयर थे।
सुंदर पिचाई ने चेन्नई के जवाहर नवोदय विद्यालय अशोक नगर में दसवीं की पढ़ाई व बारहवीं की पढ़ाई चेन्नई के वना वाणी स्कूल में की।
उसके बाद पिचाई ने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से बैचलर डिग्री अर्जित की। एमएस सामग्री विज्ञान में स्टैनफोड विश्व विद्यालय से करने के बाद वह साल 2004 वह गूगल में आए। गूगल में आने के बाद वह गूगल क्रोम की ओएस टीम शामिल हुए।
Sundar Pichai की यह रही उपलब्धियां

Sundar Pichai ने Google की टीम में शामिल होने के साथ 2008 में गूगल क्रोम (Google Chrome) प्रोडेक्ट तैयार किया। साल 2013 एंड्रॉइड (Android) एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व किया। इसके अलावा गूगल ड्राइव (Google Drive) व एप्स में उन्होंने गूगल ड्राइव, जीमेल (Gmail) और गूगल मैप्स का नेतृत्व किया। इसके अलावा क्रोम ओएस (Chrome OS) में उन्होंने क्रोम ओएस और सस्ते क्रोमबुक का नेतृत्व किया। Google Gemini, गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) और गूगल पिक्सल आदि डिवाइस शामिल हैं। 2015 में, वे गूगल के सीईओ बने। 2019 से वे अल्फाबेट (Google की पैरेंट कंपनी) के सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इन भारतीयों का दबदबा

आपके मन में यह सवाल होगा कि कम्प्यूटटर की दुनिया अमेरिका चला रहा है। दोस्तों बिल्कुल गलत। जी हां दोस्तों कम्प्यूटर का जो सॉफ्टवेयर अमेरिका का हो सकता है लेकिन उसे चलाने वाला भारतीय है।
गूगल का सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रो सॉफ्टवेयर का सीईओ सत्यन अडेला, एडीबो सीईओ शांतनू नारायन, युट्यू्यूब का पूर्व सीईओ नीलमोहन, वर्ल्ड बैंक के प्रसिडेंट अजय बंगा, पेनटियम चिप के जनक विनोद धाम, यूएसबी तनकनी जिसके बिना आपका डेटा इधर उधर नहीं होता है।
उसके जनक अजय भट्ट, फाइवर ऑप्टिकेबल जिससे आपके यहां इंटरनेट आ रहा है उसके पितामह नरेंद्र सिंंह कपानी वह भी भारतीय है। कुल मिलाकर भारतीयों ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपने काम से हलचल मचा रखी है।
सुंदर पिचाई का नया वेतन छप्पर फाड़

गूगल ने अगले तीन वर्षों के लिए पिचाई का कुल अधिकतम संभावित पे पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर (करीब 6361 करोड़ रुपये) तय किया है। इसमें उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर (करीब 18.38 करोड़ रुपये) रखी गई है,
जबकि पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों के रूप में मिलेगा। अगर वह कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी उन्हें वेतन और स्टॉक के रूप में तीन वर्षों में 39.1 करोड़ डॉलर की बेसलाइन अमाउंट की राशि मिलनी तय है।
सुंदर पिचाई पूरी रकम फिक्स या काम पर मिलेगी जानें

इस पैकेज का एक बड़ा हिस्सा परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स (पीएसयू) पर आधारित है, जिसकी टारगेट वैल्यू 12.6 करोड डॉलर (लगभग 1158 करोड़ रुपये) है। इन शेयरों का मूल्य एसएंडपी 100 की अन्य कंपनियों के मुकाबले अल्फाबेट के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर तय होगा।
अगर कंपनी शानदार प्रदर्शन करती है, तो यह रकम दोगुनी (25.2 करोड़ डॉलर यानी 2316 करोड़ रुपये) हो सकती है, और अगर पिछड़ती है तो यह शून्य भी हो सकती है।
इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में उन्हें 84 मिलियन डॉलर (करीब 772 करोड़ रुपये) के प्रतिबंधित शेयर भी मिलेंगे, जो हर महीने भुनाए जा सकेंगे।
गूगल ने पिचाई के वेतन में जोड़ा है नया इंसेंटिव

इस डील की एक बड़ी खासियत इसके नए इंसेंटिव्स हैं। गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्ट-अप ‘विंग’ की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर (लगभग 3217 करोड़ रुपये) तक के स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े हैं।
इसमें वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर (लगभग 1195 करोड़ रुपये) और विंग एविएशन के लिए 4.5 करोड़ डॉलर (लगभग 413 करोड़ रुपये) की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो तीन साल बाद उनके ‘फेयर वैल्यू’ के आधार पर तय होंगे और शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं।
गूगल क्रोम ब्राउजर विकसित करने वाले को भारी रकम

भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में कंपनी में शामिल होने के बाद क्रोम ब्राउज़र विकसित करने और एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अल्फाबेट के बोर्ड का मानना है कि पिचाई की अगुवाई में वेमो और विंग ऑटोनॉमस ड्राइविंग व डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति कर रहे हैं।
इसके अलावा, अगस्त 2015 में जब पिचाई ने सीईओ का पद संभाला था, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में सात गुना बढ़कर लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया। जनवरी में यह चार ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर गया
Google का Sundar Pichai पर पूरा भरोसा

सुंदर पिचाई का यह विशाल वेतन पैकेज बताता है कि अल्फाबेट का बोर्ड उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर रहा है। यह डील न केवल पिछले एक दशक में कंपनी की मार्केट वैल्यू में हुए सात गुना इजाफे का इनाम है,
बल्कि इस बात का भी संकेत है कि भविष्य के ग्रोथ इंजन खासकर एआई, सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी और ऑटोनॉमस डिलीवरी पर कंपनी कितनी तेजी से दांव लगा रही है।
2026 में पीएम मोदी से मिले पिचाई एआई हब में सहयोग

भारत में इंडिया इम्पैक्ट एआई समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी ने मुलाकाल की। उन्होंने ने भारत को एआई का हब बनाने की बात कही।
इंडिया अमेरिका कनेक्ट के तहत समुद्र के नीचे केबिल बिछाई जाएंगी। पिचाई ने भारत में कौशल विकास कार्यक्रमों की शुरुआत की है।
जिसके तहत आठ सौ जिलों में दो करोड़ सरकारी कर्मचारियों को 18 भाषाओं में प्रशिक्षण किया जाएगा। इस योजना का नाम पीएम मोदी के द्वारा कर्मयोगी भारत योजना से साझेदारी शामिल है। इस तरह से यह साफ है कि अगला सुंदर में भारत मेंं ही रहेगा।
निष्कर्ष(conclusion)
Google कंपनी के द्वारा भारतीय सीईओ की सैलरी में बडा पैकेज दिया गया है। यह सैलरी भारतीय करेंसी में करोड़ों रुपये महीने हैं।
इस आर्टिकल में हमारे द्वारा यह बताया गया है कि सुंदर पिचाई कौन हैं। यह भारत में कहां के रहने वाले है। 22 साल पहले गूगल में शामिल होने के साथ आज सबसे अधिक सैलरी पा रहे हैं।
इस आर्टिकल में सुंदर पिचाई की पढ़ाई से लेकर कामयाबी तक के बारे में जानकारी दी है। यह जानकारी पूरे रिसर्च के साथ दी गई है। ताकि आप तक एकदम सही व सटीक जानकारी पहुंच सकेे।
