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Bank Exams IBPS PO , MT Exam, Bank PO, Clerk, SBI, RBI, CLAT, CTET and other competitive exams में Computer Awareness यानि कंप्यूटर जागरूकता से जुडें प्रश्‍न जरूर पूछे जाते हैं इस वीडीयो में हमने Keyboard से जुडे Computer Awareness की जानकारी दी है जो सभी competitive exams के बहुत जरूरी है तो अगर competitive exams की तैयारी कर रहे हैैं तो Keyboard के बारे में जाने ये बातें -

कीबोर्ड के बारे मेें जानकारी - (कंप्यूटर जागरूकता - 1) Important information about the keyboard (computer awareness)

की-बोर्ड क्‍या है :-what is keyboard in computer

की-बोर्ड टाइपराटर जैसा उपकरण होता है जिसमें कम्प्यूटर में सूचनाए दर्ज करने के लिए बटन दिये गये होते हैं इस पर जो बटन होते हैं उन्‍हें हम की (key) कहते है ।

कीबोर्ड का अविष्कार किसने किया ?

क्रिस्टोफर लैथम शोलेज (Christopher Latham Sholes) एक अमेरिकी आविष्कारक जिन्होंने पहले व्यावहारिक टाइपराइटर और QWERTY कुंजीपटल का आविष्कार किया था जो आज भी प्रयोग में है। 

कीबोर्ड किस प्रकार की डिवाइस है

कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस (Input Device) है

कीबोर्ड के प्रकार -  Types of Computer Keyboard

डिजायन के अनुसार 

  1. वायर्ड या तार वाले कीबोर्ड - वायर्ड या तार वाले कीबोर्ड कीबार्ड दो प्रकार के आते हैैं इसमें पहला है PS/2 कीबोर्ड और दूसरा है USB कीबोर्ड यह एक तार द्वारा कंप्‍यूटर से जोडें जाते हैं 
  2. वायरलेस या बिना तार वाला कीबोर्ड - यह कीबोर्ड वायर्ड कीबोर्ड की तुलना में महगे हाेते हैं और इन्‍हें प्रयोग करने के लिये बैट्री या सेल का प्रयोग किया जाता है कंप्‍यूटर से कनेक्‍ट करने के लिये है इनके साथ एक USB रिसीवर आता जो एक रेडियो फ्रीक्वेंसी (Radio Frequency) Receiver होता है जो कीबोर्ड से प्राप्‍त सिंग्‍नल को कंप्‍यूटर तक भेजता है 

कार्य के अनुसार 

  • टाइपिंग कीबोर्ड - यह साधारण कीबोर्ड होता है जिससे टाइपिंग की जा सकती है
  • मल्टीमीडिया कीबोर्ड - यह वह कीबोर्ड होते हैैं जिसमें टाइपिंग कीज के साथ-साथ मल्टीमीडिया कीज जैसे स्‍पेशल कीज अलग से दी गयी होती हैं जैसे वाल्‍यूम कीज, play pause forwar कुछ मल्टीमीडिया बोर्ड में मल्टीमीडिया कीज के साथ साथ इंटरनेट कीज भी दी गयी होती हैं जैसे होम बटन इत्‍यादि 

कीबोर्ड को QWERTY कीबोर्ड क्‍यों कहा जाता है है

आधुनिक कीबोर्ड पुराने टाइप राइटर से लिया गया है अगर आप गौर से देखें तो कीबोर्ड के अक्षर QWERTY से शुरु होते हैं। जब क्रिस्टोफर लैथम शोलेज (Christopher Latham Sholes) ABCD क्रम वाले टाइप राइटर पर काम कर रहे थे उन्‍हाेंने एक खामी का पता चला, चूकिं टाइपराइटर में बटन एक धातु की छड के सहारे दबाये जाते हैं और जब बटनों सीधा क्रम में लगाया गया यानि ABCDEF फॉर्मेट में तो वह तो बटन जाम हो रहे थे और एक के बाद एक होने की वजह से दबाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था  जिसकी वजह से जल्दी टाइप करना नामुमकिन था और उस समय टाइपराइटर में बैकस्पेस का बटन नहीं था। यही वजह है कि आपके कीबोर्ड में QWERTY शब्दों का इस्तामाल किया गया ताकि टाइप करने में आसानी रहे।

कीबोर्ड की जानकारी - information about the keyboard

कीबोर्ड में कितनी कीज होती है 

आजकल कीबोर्ड हर कोई अपने हिसाब से डिजायन कर रहा है लेकिन अगर देखा जाये तो एक साधारण कीबोर्ड में 101 कीज होती है, लेकिन स्‍पेशल कीज ने इनकी संंख्‍या को बढा दिया है

कंप्यूटर कीबोर्ड में कितने प्रकार की “कीज” होती है

कंप्यूटर कीबोर्ड में निम्न प्रकार की “कीज” होती है - 
  1. टाइपराइटर कीज - (Typewriters Key) 
  2. फंक्शन कीज - (Function Keys)
  3. कर्सर कंट्रोल कीज - (Cursor control keys)
  4. मोडीफायर की - (Modifier key)
  5. टॉगल की  - (Toggle keys)
  6. स्‍पेशल कीज (Special Keys)

टाइपराइटर कीज:- Typewriters

ये की बोर्ड का मुख्‍य हिस्‍सा होता है, यह मुख्‍यत टाइपिंग सम्‍बन्‍धी कार्य को करने में काम आता है, इन्‍हीं की से हम किसी भी भाषा में टाइप कर सकते हैं, इसके लिये सिर्फ हमको कम्‍प्‍यूटर में फान्‍ट बदलना होगा, इसमें इनमें अक्षर, विराम चिह्न, और प्रतीक कीज भी शामिल हैं, की-बोर्ड की दार्इ ओर न्यूमेरिक की-पैड होता है जिसमें कैलुक्यूलेटर के समान कीज होती है। इनसे से कुछ कीज दो काम करती हैं। न्यूमेरिक कीज के दोनो कार्यो को आपस में बदलने के लिए नम लोक की का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए-संख्या 7 युक्त की, होम की के रूप में केवल तभी काम करती है। जब नम लोक की आफ होती है। जब नम लोक की आन होती है। तो 1,2,3,4,5,6,7,8,9,0 चिनिहत कीज, न्यूमेरिक कीज के रूप में काम करती है। इनमें से किसी को भी दबाने पर स्क्रीन पर एक संख्या दिखार्इ देता है।

फंक्शन कीज :- Function Keys

टाइपराइटर की के सबसे ऊपरी भाग में एक लाइन में एफ-1 से लेकर एफ-12 संख्या तक रहती है। किसी भी साफ्टवेयर पर काम करते समय इनका प्रयोग उसी साफ्टवेयर में दी गयी सूची के अनुसार अलग अलग तरीके से किया जाता है

कर्सर कंट्रोल कीज :-  Cursor control keys

इन कीज से कम्‍प्‍यूटर के क्रर्सर को नियंत्रित किया जाता है, इससे आप कर्सर को अप, डाउन, लेफ्ट, राइट आसानी से ले जाया जा सकता है, यह की बोर्ड पर ऐरो के निशान से प्रर्दशित रहती है। की-बोर्ड पर ऐरो कीज के ठीक ऊपर कुछ और कर्सर कन्ट्रोल कीज भी मौजूद रहती है। ये इस प्रकार है-
  • एंटर  :- Enter keys एंटर की को रिर्टन की भी कहा जाता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से दो कार्यो के लिए किया जाता है। पहला यह पीसी को सूचना देता है कि आपने निर्देश देने का काम छोड दिया है। अत: वहा दिए गए निर्देशों को प्रोसेस या एक्जीक्यूट करें। दूसरा माइक्रोसाफ्ट वर्ड प्रोग्राम का प्रयोग करते समय एन्टर की दबाने पर नया पैराग्राफ या पंकित शुरू हो जाती है।
  • टैब की :- Tab यह कर्सर को एक पूर्वनिर्धारित स्थान पर आगे ले जाती है। इसके द्वारा आप पैराग्राफ शुरू कर सकते है तथा कालम, टैक्स्ट या संख्याओं को एक सीध में लिख सकते है। कुछ साफ्टवेयरों में यह मेन्यू में एक विकल्प से दूसरे विकल्प पर जाने में मदद करती है।
  • डिलीट की :- Delete - कर्सर की दार्इ ओर लिखे कैरेक्टर या स्पेस को आप इसको दबाकर मिटा सकते है।
  • बैकस्पेस की :- Back Space - इसे दबाकर आप कर्सर के बार्इ और लिखे अक्षर को मिटा सकते है। ऐसा करने पर कर्सर अन्त में टाइप किए गए अक्षर को मिटाने हुए बार्इ ओर लौटता है।
  • पेज अप कीज :- Page Up keys - इनका प्रयोग डाक्यूमेंट के पिछले पृष्ठ पर जाने के लिए किया जाता है।
  • पेज डाउन कीज:- Page Down keys - इनका प्रयोग अगले पृष्ठ पर जाने के लिए किया जाता है।
  • होम की:- Home Key - इसका प्रयोग कर्सर लाइन के शुरू में लाने के लिए होता है।
  • एंड की:- End Key - यह की कर्सर को लाइन के अंत में ले जाती है।

मोडीफायर की - Modifier key

शिफ्ट कीज :- Shift Keys - इसको दबाकर यदि आप कोर्इ अक्षर की दबाए तो वह अपर केस अक्षर में ही टाइप होगी। यदि कैप्स लाक आन की सिथति में हो तो यह कि्रया उलट जाएगी। जब एक की पर दो चिन्ह या कैरेक्टर बने हों तब शिप्ट की दबाने से ऊपरी चिन्ह स्क्रीन पर दिखार्इ देगा।
कंट्रोल एंव आल्ट कीज :- Ctrl and Alt keys-  कंट्रोल एंव आल्ट कीज का प्रयोग अकसर कोर्इ विशेष काम करने के लिए अन्य की के साथ संयुक्त् रूप में किया जाता है। जैसे- कंट्रोल और सी को एक आप डोस प्राम्प्ट पर लौट आते है। कंट्रोल आल्ट और डिलीट कीज को एक साथ क्रमवार दबाने से मशीन स्वयं ही दोबारा शुरू हो जाती है।

टॉगल की  - Toggle keys

कंप्यूटर का वह कुंजी जिससे एक से अधिक फंक्शन को प्रयोग करते हैं उसको टॉगल कुंजी (की) कहते हैं, जैसे कैप्स लॉक (CAPS LOCK), नम लॉक (Num Lock) , स्क्रॉल लॉक (Scroll Lock) और इन्सर्ट(Insert) कीज उदाहरण के लिए अगर कैप्स लॉक ऑन है तो जब आप टाइप करेंगे तो लेटर अपर केस में टाइप होता हैं और जब कैप्स लॉक ऑफ हो तो लोअर केस में

स्‍पेशल कीज (Special Keys)

टाइपिंग कीज के साथ-साथ कुछ अलग काम करने के लिये कीज दी गयी होती हैं इन्‍हें स्‍पेशल कीज कहते हैैं मल्टीमीडिया कीज जैसे स्‍पेशल कीज अलग से दी गयी होती हैं प्रिंट स्‍क्रीन कीज, विंडोज कीज 



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