लैपटॉप आप क्‍यों खरीदतें हैं ? अगर यह सवाल कोई आपसे पूछे तो आपका यही जबाब होगा अरे भाई काम करने के लिये स्‍टाइल मारने के लिये थोडे ही कोई इतना खर्चा करता है ...

असल में सवाल यह है कि क्‍या आपको वास्‍तव में लैपटॉप की जरूरत है या किसी के कहने से या दूसरों को देखकर आप लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं, जबकि आपको जरूरत वास्‍तव में डेस्‍कटॉप की है। तो क्‍या लैपटॉप डेस्‍कटॉप वाले काम नहीं कर सकता है, अगर हॉ तो इन दोनों को अलग-अलग क्‍यों बनाया गया है और अगर आपको लैपटॉप की वास्‍तव में जरूरत है तो उसको खरीदने से पहले क्‍या-क्‍या चैक पाइंट होने चाहिये, यानि आपके काम के हिसाब से लैपटॉप खरीदते समय किन बातों पर ध्‍यान दें, चलिये बात करते हैं - 


पहले जानते हैं कि लैपटॉप बेहतर है या डेस्‍कटॉप, इस विषय पर भी बहुत लम्‍बी बहस हो सकती है। दोनों की ही अपनी-अपनी विशेषतायें हैं साथ ही कुछ परेशानियॉ भी जुडी हुई हैं, जैसे कि डेस्‍कटॉप को आप लैपटॉप की तरह कहीं भी बैग में रखकर ले जा नहीं सकते हैं, ऐसे ही लैपटॉप का की-बोर्ड और माउस खराब होने पर बाजार से तुरंत खरीदकर अपना काम शुरू नहीं कर सकते हैं। फिर ऐसे में कौन बेहतर है और किसका चुनाव करना चाहिये, सीधी सी बात है डेस्‍कटॉप देखने में भले ही भारी भरकम और बडा होता है लेकिन उसका मेंटेनेंस उतना ही सस्‍ता और अासान होता है जबकि इसके विपरीत लैपटॉप का मेंटेनेंस कहीं मॅहगा होता है, लैपटाॅप, डेस्‍कटॉप के मुकाबले एक नाजुक उपकरण है, लेकिन पोर्टेबल भी है  - तो अगर आपके काम से हिसाब से आपको लगता है कि आपको ऐसे पोर्टेबल उपकरण की आवश्‍यकता है जो आपके साथ कहीं जा सके और आपने लैपटाॅप खरीदने का मन बना ही लिया है तो इन बातों पर अवश्‍य ध्‍यान दें - 

स्‍क्रीन

बहुत से व्‍यक्ति लैपटॉप का चुनाव स्‍क्रीन साइज से करते हैं, लेकिन लैपटॉप का चुनाव स्‍क्रीन साइज को देखकर कभी ना करें, एक तो स्‍क्रीन साइज बडा होने से लैपटॉप भारी हो सकता है, साथ ही अगर डिस्प्ले कम रेज्योलूशन वाला हुआ तो कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस खराब भी हो सकता है। इसलिये अच्‍छे रेज्योलूशन वाला स्‍क्रीन ही पसंद करें, अगर अच्‍छा दिखाई नहीं दिया तो आपका पैसा वेस्‍टेज ही समझिये। स्क्रीन रेज्योलूशन जरूर देखें। हॉ स्‍क्रीन एलईडी ही लें। 

प्रोसेसर और रैम 

बाजार में आजकल बहुत उन्‍नत किस्‍म के प्रोसेसर उपलब्‍ध है, जैसे कोर आइ5, कोर आइ7 अगर अाप घरेलू यूजर हैं तो आपको इन प्रोसेसर की गति का अन्‍तर पता भी नहीं चलेगा, घरेलू काम के लिये आप कोर आइ3 या ड्यूल कोर का भी चुनाव कर सकते हैं, कोर आइ5, कोर आइ7 के मुकाबले यह काफी सस्‍ते होते हैं। रैम वैसे आजकल 2 GB से कम तो किसी लैपटॉप में आ ही नहीं रही है, लेकिन अगर आप और भी अच्‍छी स्‍पीड चाहते हैं तो आप  4 GB रैम का चुनाव कर सकते हैं। 

ग्राफिक कार्ड

सभी लैपटॉप में मदरबोर्ड के साथ ही ग्राफिक कार्ड इनबिल्‍ट आता है, जिससे आप बेव ब्राउजिंग, मूवी और गेम्‍स का अानन्‍द लैपटॉप उठा पाते हैं, इसलिये अगर आपको अपने रोजमर्रा के काम जैसे एम0एस0 ऑफिस के अलावा बेव ब्राउजिंग, मूवी और गेम्‍स खेलने हैं तो आपको ग्राफिक कार्ड के बारे में ज्‍यादा सोचने के जरूरत नहीं है। 

बैटरी

लैपटॉप की बैटरी ही इसकी जान होती है आपका लैपटॉप कितना भी गुडलुकिंग हो या कितना भी पावरफुल हो पावर तो उसका बैटरी से ही मिलती है, इसलिये इसका बैकअप अच्‍छा होना चाहिये, आप लैपटॉप खरीदने से पहले यह चैक कर लें कि लैपटॉप कितना बैकअप देता है, अगर आपके लैपटॉप पर यह लिखा है कि बैकअप 8-10 घण्‍टे है तो यह आपके सभी काम करने के बाद यह केवल 6-8 घण्‍टे ही रह जायेगा। इसमें स्‍क्रीन साइज के साथ-साथ यह भी मायने रखता है कि आप लैपटाॅप पर क्‍या काम कर रहे हैं। 

स्‍पीकर 

स्‍पीकर के बगैर वैसे तो कोई लैपटॉप आता ही नहीं है लेकिन हम बात रहे हैं कि स्‍पीकर कहॉ दिये गये हैं, स्‍पीकर का लैपटॉप के साइड में या आगे या पीछे होना ज्‍यादा बेहतर होता है, जिससे अगर आप उसे किसी किसी जगह पर भी रखे स्‍पीकर हमेशा खुले रहें। 

यूएसबी 

यूएसबी जिससे आप लैपटाॅप पर मोडेम, प्रिंटर, पेनड्राइव या अन्‍य सभी डिवाइस लगाते हैं, इसकाे भी देख लें क्‍यों कि किसी-किसी मॉडल में यह केवल दो ही यूएसबी पोर्ट दिये गये होते हैं, यह 4 से 6 के बीच हों तो आपको काम आसान हो जाता है, जिसमें 1-2 अगर आपके सीधे हाथ यानि राइट हैण्‍ड पर हो तो और भी बढिया एक्सपीरिएंस मिलता है। 

की-बोर्ड / टचपैड 

अगर आप टाइपिंग नहीं भी जानते हैं तो भी लैपटॉप के की-बोर्ड का चुनाव ढंग से करें कि आपकी उॅगलियॉ उन पर ठीक प्रकार से चल रहीं हैं या नहींं। वह ज्‍यादा टाइट तो नहीं है। साथ ही टचपैड को भी चला कर देख लें जो आपके लिये माउस का काम करता है। 

वाईफाई कनैक्टिविटी 

इन्‍टरनेट प्रयोग करने के लिये वाई फाई नेटवर्क आम बन गया है, वाई फाई की सहायता से इंटरनेट श्‍ोयर करना भी बहुत आसान हो गया है अब अाप किसी भी फोन को वाई-फाई राउटर या हॉटस्‍पाट में बदलकर आसानी से इंटरनेट शेयर कर सकते हैं, इतना ही नहीं आप अन्‍य उपकरणों को भी वाई फाई की सहायता से कमाण्‍ड आदि दे सकते हैं, अब तो वाई फाई प्रिंटर का भी चलन शुरू हो गया है, वाई फाई से ब्‍लूटूथ की तुलना में कई गुना तेजी से डाटा ट्रान्‍सफर किया जा सकता है, यह 1 सेकेण्‍ड में 60 MB डाटा ट्रान्‍सफर कर सकता है, इसलिये लैपटॉप खरीदने से पहले यह जरूर चैक करें कि उसमें वाईफाई कनैक्टिविटी है या नहीं। 

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  1. Sir windows 10 achcha hai ya nahi please Bata do sir

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    1. राम ललित जी, विंडोज 10 अब विंडोज का अब तक का सबसे अच्‍छा वर्शन बनाया गया है, इसमें काफी सारी सुविधायें है, लेकिन अंत में सब कुछ यूजर पर डिपेेन्‍ड करता है, अगर आपको अच्‍छी लगे तभी विडोंज 10 सफल है, एक और बात अगर आपने विंडोज 8 को चलाया है, तो उससे कहींं बेहतर अनुभव होगा, लेकिन अगर आप विडोंज 7 चला रहे हैं तो शायद आपका अनुभव उतना बेहतर न हो

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