अगर आप आध्‍यात्‍म‍िक पुस्‍तकें (Spiritual books) पढते हैं आपके लिये प्रेस गोरखपुर प्रकाशन के परिचय की अावश्‍यकता नहीं है, गीता प्रेस गोरखपुर (Gita Press, Gorakhpur) अपनी आध्‍यात्‍म‍िक पुस्‍तकों के लिये विश्‍व विख्‍यात है। चाहे सुन्‍दर काण्‍ड (sundara kanda) हो या भागवत पुराण (Bhagavata Purana) या कोई दुलर्भ ग्रन्‍थ (Rare books) हो आपको यह सब गीता प्रेस गोरखपुर प्रकाशन में मिल जायेगा। इस प्रकाशन की कल्‍याण्‍ा पुस्‍तक (kalyan magazine) काफी लोकप्रिय है, अब तक यह सारी पुस्‍तकें आप बाजार से खरीदकर पढते थे, लेकिन डिजिटलाइजेशन दौर में गीता प्रेस गोरखपुर भ्‍ाी डिजिटल हो गया है - 

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गीता प्रेस की कई सारी पुस्‍तकों को ई-पाठकों के पढने के लिये पीडीएफ फॉरमेट (PDF Format) में उपलब्‍ध कराया गया है, जिन्‍हें गीता प्रेस गोरखपुर की साइट पर पढा सकता है, यह पुस्‍तकें केवल व्‍यक्तिगत उपयोग के लिये उपलब्‍ध करायी गयी हैं, यह पुस्‍तकें हिन्‍दी अौर अग्रेजी के अलावा गुजराती, मराठी, तेलगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बांग्‍ला आदि भारतीय भाषाओं में उपलब्‍ध करायी गयी हैं- इसमें से कुछ प्रमुख पुस्‍तकें हैं जिन्‍हें आप ऑनलाइन पढ सकते हो - 

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  1. Very helpful books....

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  2. आपका यह प्रयास सराहनीय है!! मैने स्वयम आपके ग्रंथ पढे है *** संग्रह भी किया है! !!! धन्यवाद! !!!

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