आज से यह ब्‍लाग मेरी मॉ को समर्पित हैं, जो मेरे जीवन के हर क्षेत्र में बिना किसी स्‍वार्थ के सदैव वह मेरे साथ रहीं है, एक सर्वोत्त्कृष्ट सलाहकार के रूप में जब भी जरूरत पडी है कठिनाइयों से जूझने के लिये साहस प्रदान किया है। आज मैं अपने जीवन में आज जिस भी मुकाम पर हॅू, उन्‍हीं का आर्शीवाद है, जिसके लिये मैं उनका सदैव आभारी रहॅूगा, उनका ऋण तो मैं कभी उतार नहीं पाउॅगा, लेकिन हर सम्‍भव कोशिश यही रहेगी कि उनके सम्‍मान में कोई भी कमी ना आये। केवल आज दिन ही नहीं,  मैं जब तक जीवित हॅू मेरे जीवन हर दिन आपके लिये समर्पित है। वो आप ही हैं जिसने रोज आर्शीवाद दे-देकर एक गधे को इन्‍सान बनाया है। अब इससे ज्‍यादा मेरे पास शब्‍द शेष नहीं रह गये हैं। बस इतना ही कहना चाहॅूगा - मॉ तुझे प्रमाण


यहॉ मैनें अपने भाव आपके प्रति व्‍यक्‍त करने के लिये 
कुछ गीतों की कडियॅा संजोई हैं, शायद आपको पसंद आये 
 

 


घुटनों पर चलते चलते,
जाने कब पैरों पर खडा हुआ।
तेरी ममता की छॉव में,
जाने कब छोटे से बडा हुआ।।
काला टीका, दूध मलाई,
आज भी सब कुछ वैसा है।
मैं ही मैं हॅू हर जगह तेरे लिये,
प्‍यार ये तेरा कैसा है,
सीधा साधा, भोला भाला,
मैं ही सबसे अच्‍छा हॅू,
कितना भी हो जाउॅ बडा,
'मॉ' मैं आज भी तेरा बच्‍चा हॅू।।
 

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  1. shabd km pad jaate hain .....ma ke bakhan ke liye ....

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