प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।

तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।।

पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।

सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टकम् ।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
--------दुर्गा कवच

सभी आदरणीय पाठकों को मेरी ओर से नवराञों की हार्दिक शुभकामनायें, नवराञ चल रहे हैं  नवराञ के दिनों में सम्‍पूर्ण भारत में दुर्गा पूजा की जाती है लोग पूरे नौ दिन व्रत रह कर पूजा अर्चना करते हैं, इन नौ दिनों मॉ दुर्गा के नौ अगल अलग रूपों की पूजा की जाती हैं और मान्‍यता है कि जो मन से मॉ की पूजा अर्चना करता है मॉ उसे सब कुछ देती हैं , आज मैं आपको माता के कुछ चुनिन्‍दा भजनों के लिंक दे रहा हॅू आशा है आपको पसन्‍द आयेगें








इसके अलावा कुछ बेवसाइट हैं जहॉ से आप ऑनलाइन माता के भजन सुन सकते हैं 




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